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हम मिथिला के वासी अपन  गाम समाज सँ बड बनाव राखै छी . इ  त सब लोकैन के बुझैत हायत. हमरा पुछु त हमर गाम हमरा बड सोहाईय. गामक लोग , गामक बयार, गामक  व्यवस्था, गामक समाज, खेत खलिहान सब मन म

मानसून केरऽ मौसम, जे बेसब्री स॑ प्रतीक्षित परिवर्तन केरऽ समय छेकै, दुनिया केरऽ बहुत क्षेत्रऽ म॑ प्रचुर बारिश केरऽ आगमन के संकेत दै छै । ई वार्षिक मौसम संबंधी घटना कृषि, पारिस्थितिकी तंत्र, आरू समुदायऽ

मानसून केरऽ मौसम, जे बेसब्री स॑ प्रतीक्षित परिवर्तन केरऽ समय छेकै, दुनिया केरऽ बहुत क्षेत्रऽ म॑ प्रचुर बारिश केरऽ आगमन के संकेत दै छै । ई वार्षिक मौसम संबंधी घटना कृषि, पारिस्थितिकी तंत्र, आरू समुदायऽ

मानसून केरऽ मौसम, जे बेसब्री स॑ प्रतीक्षित परिवर्तन केरऽ समय छेकै, दुनिया केरऽ बहुत क्षेत्रऽ म॑ प्रचुर बारिश केरऽ आगमन के संकेत दै छै । ई वार्षिक मौसम संबंधी घटना कृषि, पारिस्थितिकी तंत्र, आरू समुदायऽ

एक समय मे मैथिलीक मंत्रमुग्ध राज्य मे कचा नामक एकटा युवा आ तेजस्वी विद्वान निवास करैत छलाह | ज्ञानक प्यास अतृप्त छलनि, आ एकटा बुद्धिमान आ विद्वान व्यक्तिक रूप मे हुनक प्रतिष्ठा दूर-दूर धरि पसरि गेलनि

एक समय मे मैथिलीक मंत्रमुग्ध राज्य मे कचा नामक एकटा युवा आ तेजस्वी विद्वान निवास करैत छलाह | ज्ञानक प्यास अतृप्त छलनि, आ एकटा बुद्धिमान आ विद्वान व्यक्तिक रूप मे हुनक प्रतिष्ठा दूर-दूर धरि पसरि गेलनि

एक समय मे मैथिलीक मंत्रमुग्ध राज्य मे कचा नामक एकटा युवा आ तेजस्वी विद्वान निवास करैत छलाह | ज्ञानक प्यास अतृप्त छलनि, आ एकटा बुद्धिमान आ विद्वान व्यक्तिक रूप मे हुनक प्रतिष्ठा दूर-दूर धरि पसरि गेलनि

एक समय मे मैथिलीक मंत्रमुग्ध राज्य मे कचा नामक एकटा युवा आ तेजस्वी विद्वान निवास करैत छलाह | ज्ञानक प्यास अतृप्त छलनि, आ एकटा बुद्धिमान आ विद्वान व्यक्तिक रूप मे हुनक प्रतिष्ठा दूर-दूर धरि पसरि गेलनि

एक समय मे मैथिलीक मंत्रमुग्ध राज्य मे कचा नामक एकटा युवा आ तेजस्वी विद्वान निवास करैत छलाह | ज्ञानक प्यास अतृप्त छलनि, आ एकटा बुद्धिमान आ विद्वान व्यक्तिक रूप मे हुनक प्रतिष्ठा दूर-दूर धरि पसरि गेलनि

महात्मा गांधी म्हटले होते खेडी ( गाव) है स्वयंपुर्ण बनले पाहिजे. पण भारत देशातील खेडीतर काय तालुका , तालुका काय तर काही जिल्हे सुद्धा स्वयंपुर्ण झाले नाही. खेड्यातील जनतेला सर्व काही तिथेच भेटले पाहि

इतके आडवे तिडवे पडून लोटांगण घालण्यापेक्षा ..............गॅस चा दर 500 नाही करू शकत  तर कमीत कमी 700,800 तरी करा.इतके आडवे तिडवे झोपून नमस्कार करण्यापेक्षा .........पेट्रोलचा दर 60 रुपये नाही करू

*माझ्या मामाचे पत्र मला सापडलेच नाही*लहानपणी शाळेत असताना वर्गातील सर्व मुले मिळुन खेळ खेळत होतो .माझ्या मामाचे पत्र हरवले .बाकीचे मुले म्हणायचे  तेच आम्हाला सापडले .तो खेळ चालु असताना वर्गातील ह

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